घूँट घूँट तुम्हारा रसपान किया हमने फिर जहर मिला दिया तुममें घूँट घूँट तुम्हारा रसपान किया हमने फिर जहर मिला दिया तुममें
तब अच्छा खाना क्यों नहीं और अब ये हलुआ पूरी क्यों। तब अच्छा खाना क्यों नहीं और अब ये हलुआ पूरी क्यों।
प्रिय मेरे.............. प्रिय मेरे..............
चाय भी कमाल की चीज होती है, चाय भी अनेक आश्चर्यजनक कार्य करा सकती है। चाय भी कमाल की चीज होती है, चाय भी अनेक आश्चर्यजनक कार्य करा सकती है।
मेरे एहसास उनकी उम्मीदें इसीलिए तो मेरे अपने हैं इनसे ही तो मेरे सपने हैं इसीलिए तो मेरे एहसास उनकी उम्मीदें इसीलिए तो मेरे अपने हैं इनसे ही तो मेरे सपने हैं ...
दुश्मनों को, ना आने देंगे, इस धरती पे दोबारा, हम कर देंगे अर्पण....... दुश्मनों को, ना आने देंगे, इस धरती पे दोबारा, हम कर देंगे अर्पण.......